अब वो ज़माना ना रहा

अब ऐतबार का वो ज़माना ना रहा
किसी के प्यार को आजमाना ना रहा
बिताई जाती थी जिंदगानिया कभी यादों पर
प्यार में जां निसार का कोई अफसाना ना रहा