करना तो पड़ेगा ही

चाह है गर मंजिल पाने की
चलना तो पड़ेगा ही

चाहीए चमक जो सोने सी
जलना तो पड़ेगा ही

कश्तीयो को नहीं मिलते साहिल यूं ही
आंधियों को झेलना तो पड़ेगा ही

गिरोगे भी, ठोकरे भी लगेगी कभी
फिर उठना तो पड़ेगा ही

चकनाचूर होगा हौसला भी कभी
निहत्थे सही लड़ना तो पड़ेगा ही

लाख मारेगी ताने यह दुनिया
कुछ दिन सहेना तो पड़ेगा ही

मंजिलें हो धुंधली ही सही
इक कदम रखना तो पड़ेगा ही

वक्त आता हि है सब का जरूर
थोड़ा सब्र रखना तो पड़ेगा ही

इक अनोखे थे वो अटल

दिल में निस्सीम राष्ट्रप्रेम जिनके,
रहेन सहेन जिनका अतिसरल
इस भुमी के वीर सुपुत
इक अनोखे थे वो अटल

ना वाणी में कभी कटुता
ना अंतर्मन मे जिनके छल
सभी जाती धर्म के दुल्हारे
इक अनोखे थे वो अटल

हार को हरदम हराने का जज्बा
दृढता और संयम जिनका बल
श्रेष्ठ वक्ता, कवी और व्यक्तित्व
इक अनोखे थे वो अटल

राष्ट्रहित और राष्ट्रप्रेम हि अग्र
जीवनभर जिनका यह अमल
इतिहास देगा हर पल दुहाई ऐसे
इक अनोखे थे वो अटल

मांँ

महलों मे करती काम दिन में
काम दुसरा शाम भी वो करती
दरवाजे पर बैठै बच्चे की माँ की
सांस उससे हि हरदम जुड़ी रहती

उसके लिए भी हम सब जैसा
बेटा उसका इक राजकुमार है
महल थोड़ा छोटा होगा उसका
पर बडा ख्वाबों का दरबार है

बच्चों को खुशहाली दे जीने मे
यह जिसके जीने का सारांश है
मुझको लगता सब उन माँ मे
माँ देवी दुर्गा का अंश है

Corona times

हर शख्स यहां आजकल
जानकर भी अनजाना क्यो है
कल तक ढुंढता था जिनको
उन अपनो से बेगाना क्यो है

हसी के ठहाके लगते थे जहां कभी
मातम का वहा आज ठिकाना क्यो है
किस्से सुनते थे जिन गलियारों मे कभी
लगता आजकल वहा वीराना क्यो है

कहते थे चार लोगों में अपना जिसे
बंद घर उसके आज जाना क्यो है
कल तक करता था फिक्र जो जमाने की
खुदसे हि लगता उसे आज ज़माना क्यो है

कुछ यादें अपनी सी

वो चाय कि चुस्कियां, साथ बाते दिलो की
वो चौबारे पर बैठना, जुडी है यादे जिनकी

रातो का वो जगना, अलार्म लगा सोना
ख्वाबों मे खोकर, नींद का ना खुलना

कुछ अपनीसी है, कुछ अपनोसे है
इक तार सी जुड़ी, उन सपनो से है

वो जो कुछ लम्हे थे, जो रूकते थे नही
आज कुछ लम्हे है, जो कटते से नही

सपनों का जहां

भीड़ से इस दुर कही
इक छोटा आशियाना हो
इक बहता झरना हो
पास उसके ठिकाना हो

किलबिल हो पंछियों की
नाचता मयुर दिवाना हो
सब सृष्टि लगे घर जैसी
कुछ पशुओं का भी आना हो

चिड़ियों की धुन जगाये
रात का छत ठिकाना हो
तारो कि चादर चमके
चांद की बाहों में सोना हो